रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार (04 जनवरी) को गोवा पहुंचे, जहां चिकालिम में गोवा शिपयार्ड के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान सिंह ने कहा कि आज का सुरक्षा वातावरण पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है। समुद्री क्षेत्र में देखेंगे कि पारंपरिक खतरों के साथ-साथ गैर-पारंपरिक खतरे भी लगातार बढ़ रहे हैं। समुद्र में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध मछली पकड़ना, मानव तस्करी, पर्यावरण अपराध और संदिग्ध क्षेत्र जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। जाहिर है, ऐसे समय में शिपयार्ड की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है और मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने बदलते समय के साथ खुद को रूपांतरित किया है।
उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि मैं आप सभी को इसके लिए बधाई देता हूं। आपने क्षमताएं विकसित की हैं। आपने प्रौद्योगिकी को अपनाया है। इन सभी प्रयासों का परिणाम यह है कि हम न केवल अपने सशस्त्र बलों को समय पर उपकरण उपलब्ध कराने में सक्षम हुए हैं, बल्कि हमने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी ठोस कदम उठाए हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘इस बदलते दौर में भारत जैसा राष्ट्र अपनी सुरक्षा के लिए बाहरी तत्वों पर निर्भर नहीं रह सकता। आज के युग में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता विलासिता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आवश्यकता है, और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड जैसी संस्थाएं इस आवश्यकता को वास्तविकता में बदल रही हैं, और मुझे विश्वास है कि वे भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगी।’
उन्होंने आगे कहा कि आपकी (गोवा शिपयार्ड लिमिटेड) मेहनत भारत को मजबूत, संप्रभु और आत्मनिर्भर बनाती है। भारत एक सक्रिय समुद्री राष्ट्र बन रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सहयोग और नियम-आधारित व्यवस्था स्थापित करने में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड जैसी संस्थाओं को भविष्य में भारत की विश्वसनीयता को और मजबूत करना होगा।








