अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार नहीं, कई बार संविधान की हत्या की। उन्होंने देश में चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का काम किया। जब राम भूमि आंदोलन हुआ तो उन्होंने हमारी पांच सरकारों को बर्खास्त करने का काम किया।
आपातकाल में कांग्रेस ने मीडिया पर भी प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान को मस्तक पर रखा। बंगाल में देखिए, सीएम ममता बनर्जी जनता को परेशान कर रही है। लेकिन हमने कभी संविधान को नहीं तोड़ा, हमने राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया। वहां राष्ट्रपति शासन की परिस्थितियां हैं।
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दरअसल, अशोक गहलोत ने प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव नहीं करवाने पर कहा था कि राजस्थान की भाजपा सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है।
अंता उपचुनाव में बीजेपी के बागी रामपाल मेघवाल के अपना नाम वापस लेने के फैसले को मदन राठौड़ ने स्वागत योग्य बताया। मदन राठौड़ ने कहा कि मैं पहले से भी जानता था। जो व्यक्ति हमारा संस्कारित है। थोड़ी बहुत, छोटी-मोटी मन में बात आ गई कि हमको पूछा नहीं, हमसे बात नहीं की। लेकिन वो सही समय पर लाइन पर आ गए। समय सीमा के अंदर ही उन्होंने फैसला ले लिया। हम उनका स्वागत करते हैं।











