नागौर जिले में रियांबड़ी इलाके में किसानों का विरोध प्रदर्शन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है. पिछले 8 दिनों से चल रहे धरने को महापड़ाव का रूप देकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है उन्होंने साफ कहा कि अगर अगले 2 घंटों में मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ी संख्या में किसानों के साथ हाईवे पर कूच किया जाएगा और चक्का जाम शुरू हो जाएगा. बेनीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के भू माफियाओं तथा बजरी माफियाओं से गहरे रिश्ते हैं जिससे किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं
प्रदर्शनकारी इन मुद्दों पर अड़े हैं और तुरंत कार्रवाई चाहते हैं.
- पहली मांग अवैध बजरी खनन पर रोक लगाना और माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाना है.
- दूसरी फसल बीमा के बकाया क्लेम का जल्द भुगतान.
- तीसरी पुष्कर-मेड़ता-रास रेलवे लाइन के निर्माण में तेजी लाना.
- चौथी हाई टेंशन लाइन की बढ़ी दरों से किसानों को राहत देना.
- पांचवीं किसानों पर दर्ज राजनीतिक मुकदमों को वापस लेना. ये मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज होने की संभावना है
सभा में बोलते हुए बेनीवाल ने किसानों से कहा कि अब धैर्य की परीक्षा मत लो. अधिकारियों ने मंगलवार तक का वक्त मांगा था लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला. उन्होंने समर्थकों को तैयार रहने को कहा और रणनीति के मुताबिक इशारे पर हाईवे की ओर बढ़ने का ऐलान किया
सांसद के सख्त तेवर और आज ही चक्का जाम की धमकी से प्रशासन सतर्क हो गया है. रियांबड़ी में 10 थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है. मौके पर पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल इंदिरा देवी बावरी दिलीप सिंह जैसे दिग्गज नेता भी किसानों के साथ खड़े हैं. पूरा इलाका तनावपूर्ण है लेकिन किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं











