मंगलवार को अयोध्या पहुंचेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे. यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण के पूरा होने का प्रतीक होगा और सांस्कृतिक उत्सव तथा राष्ट्रीय एकता के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10 बजे सप्तमंदिर पहुंचेंगे, जहां महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी से जुड़े मंदिर स्थित हैं. इसके बाद वे शेषावतार मंदिर जाएंगे. लगभग 11 बजे प्रधानमंत्री माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करेंगे. इसके बाद वे राम दरबार गर्भगृह में पूजा करेंगे और फिर रामलला गर्भगृह में दर्शन करेंगे. दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे
प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर 25 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे तक आम जनता के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इस दौरान केवल QR-कोडेड पास वाले आमंत्रित अतिथियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी. राम पथ पर भी सुबह 6 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक यातायात पूरी तरह बंद रहेगा. इस दौरान केवल आमंत्रित मेहमानों के वाहनों को प्रवेश मिलेगा और पैदल चलने की अनुमति भी नहीं होगी. 2:30 बजे के बाद सीमित पैदल आवाजाही बहाल की जाएगी, लेकिन दोपहिया और चारपहिया वाहनों को पूरे दिन प्रतिबंधित रखा जाएगा. एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के अनुसार यह व्यवस्था सुरक्षा घेरा मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है
गणमान्य व्यक्तियों की बड़ी संख्या को देखते हुए अयोध्या हवाई अड्डे पर विशेष लॉजिस्टिक योजना लागू की गई है. 40 से 80 चार्टर्ड विमानों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है और यात्रियों को उतारने के बाद विमानों को आसपास के हवाई अड्डों पर भेजा जाएगा. लगभग 100 अतिरिक्त CISF जवान तैनात किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री के लिए एक विशेष लाउंज बनाया गया है और मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों के लिए छह वीआईपी लाउंज तैयार किए जा रहे हैं
ध्वजारोहण कार्यक्रम को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की गई हैं. सुरक्षा की कमान NSG, CRPF, SPG, IB और अयोध्या पुलिस के हाथ में है. पूरे परिसर की 15 हजार CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है, जिनमें से 450 CCTV यलो जोन में लगाए गए हैं. मेहमानों को मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस सिस्टम से होकर ही प्रवेश मिलेगा और QR कोड स्कैन कर ही एंट्री दी जाएगी.
पहले मोबाइल ले जाने की अनुमति थी, लेकिन अब मोबाइल अंदर ले जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है. सुरक्षा बढ़ाने के लिए महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैनात कर्मचारियों का 2-स्टेप वेरिफिकेशन के बाद ही ड्यूटी चार्ट तय होगा और एयरपोर्ट के 3 किमी दायरे में होटल, होमस्टे और घरों की जांच की जा रही है. इसके अलावा VIP मूवमेंट के दौरान विशेष प्रोटोकॉल लागू रहेगा











