बाड़मेर में किसान अनुदान नहीं मिलने, फसल बीमा मुआवजे में देरी, बिजली कटौती और नीलगाय-सूअर जैसे जंगली जानवरों से फसलों के नुकसान से त्रस्त हैं जिसको लेकर आज 200 ट्रैक्टरों से किसान कलेक्ट्रेट को घेरने निकले हैं. बीच रास्ते में किसानों को दो बार पुलिस प्रशासन ने रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने और आगे बढ़ते गए. किसानों ने अपनी मांग न पूरी होने पर अनिश्तिकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है. बाड़मेर जिला कलेक्टर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. साथ ही किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है
किसान प्रतिनिधिमंडल की बातचीत एडीएम राजेंद्र सिंह राजावत और एडिशनल एसपी नितेश आर्य समेत अन्य अधिकारियों से चल रही है। बाहर किसान बैठे हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। बातचीत के बाद आगे बाड़मेर जाने को लेकर फैसला लिया जाएगा।
सुबह गुड़ामालानी के अहिंसा सर्किल व तहसील गेट पर सैकड़ों किसान एकत्र हुए. जब कोई आश्वासन नहीं मिला तो ट्रैक्टर रैली के रूप में बाड़मेर की ओर कूच कर गए. रास्ते में जगह-जगह डीजे बज रहे हैं, किसान नाच-गा रहे हैं और नारे लगा रहे हैं. किसान नेताओं का कहना है कि अगर आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर भी समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे. फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है और कलेक्ट्रेट के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है. प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटा है
गुड़ामालानी में प्रधान बिजलाराम ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- कसम खा कर कहता हूं, बिकेंगे नहीं, परेशान हुए हैं, कोई बात नहीं। जो हक में होगा वहीं फैसला लेकर आएंगे। बिजलाराम प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रशासन से बातचीत करने जा रहे हैं। इसके बाद बाड़मेर कूच के बारे में किसानों की राय ली जाएगी।
चेतावनी दी थी
5 दिसंबर को किसानों व जनप्रतिनिधियों ने गुड़ामालानी एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सभी मांगों का तुरंत निराकरण करने को कहा था. साथ ही 9 दिसंबर तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे











