कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करने के खिलाफ देशभर में अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांच जनवरी से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खरगे की इस अपील का समर्थन किया है।
कांग्रेस कार्यसमिति की अहम बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि देश इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर की जा रही हैं, संविधान की भावना को चोट पहुंच रही है और आम नागरिक के अधिकार लगातार सिमटते जा रहे हैं. खरगे के मुताबिक यह केवल हालात की समीक्षा का समय नहीं है, बल्कि आने वाले संघर्ष की दिशा तय करने का निर्णायक मोड़ है
खरगे ने संसद के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को कमजोर कर करोड़ों गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार किया है. उन्होंने इसे गरीबों के पेट पर लात और पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया. खरगे के शब्दों में मनरेगा को खत्म करना सिर्फ एक योजना का अंत नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों और उनके सम्मान पर हमला है
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को खत्म करना अधिकार पर आधारिक प्रणाली और देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला गरीबों और राज्यों के अधिकारों को कमजोर करता है। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं थी, बल्कि यह एक विकास का ढांचा था, जिसकी सराहना पूरी दुनिया में की गई थी। इस योजना ने ग्रामीण भारत को मजबूती दी और लोगों को सम्मान के साथ काम करने का अधिकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने बिना अपने मंत्रिमंडल से सलाह लिए और बिना किसी अध्ययन के मनरेगा को एकतरफा तरीके से खत्म कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि इतना बड़ा फैसला सोच-समझकर और चर्चा के बाद लिया जाना चाहिए था।
राहुल गांधी ने इसे राज्यों और गरीब लोगों पर किया गया घातक हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम भी उसी तरह एकतरफा है, जैसे पहले नोटबंदी का फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले का विरोध करेगी और इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट होकर सरकार के इस कदम के खिलाफ खड़ा होगा।
सामाजिक सौहार्द पर चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की निंदा की और देश के भीतर भी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की घटनाओं पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचता है. कुल मिलाकर CWC बैठक में कांग्रेस ने साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में पार्टी सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि वैचारिक और जनआंदोलन की लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार है








