विधानसभा की कार्रवाई में आज के प्रश्नकाल में 22 तारांकित और 21 अतारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से जुड़े विभागों कृषि, शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता और नगरीय विकास से संबंधित सवालों के जवाब दिए जाएंगे। सदन में आज ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। विधायक कालीचरण सराफ ने जल जीवन मिशन (JJM) में वित्तीय और निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर प्रस्ताव लगाया है। वहीं विधायक चेतन पटेल ने पीपल्दा क्षेत्र में विमुक्त, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु आवासविहीन लोगों को भूखंड/पट्टा आवंटन के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है।
इसके अलावा गृह विभाग की अधिसूचना सदन के पटल पर रखी जाएगी। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। वन मंत्री संजय शर्मा कैंपा प्राधिकरण राजस्थान का वार्षिक प्रतिवेदन रखेंगे। समितियों के प्रतिवेदन भी आज सदन में रखे जाएंगे। पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति और पुस्तकालय एवं सरकारी आश्वासन समिति के प्रतिवेदन पटल पर रखे जाएंगे। बजट 2026 पर चर्चा आज भी जारी रहेगी, जिसमें सदन के सदस्य अपने विचार रखेंगे।
प्रश्नकाल के दौरान निजी विश्वविद्यालयों में फर्जी डिग्री के मुद्दे पर भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने सरकार से पूछा कि फर्जी डिग्री प्रकरणों में अब तक क्या कार्रवाई हुई है और दोषियों पर सख्त कदम कब उठाए जाएंगे। सरकार की ओर से जवाब देते हुए डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि निजी विश्वविद्यालयों में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए नियामक आयोग (रेगुलेटरी कमीशन) गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित आयोग का उद्देश्य फर्जी डिग्री रैकेट पर रोक लगाना और निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली की निगरानी करना है।
इस पर विधायक सराफ ने सवाल दागा कि दो साल निकल गए, कार्रवाई कब करोगे? सरकार के ही विधायक द्वारा किए गए इस सवाल के बाद सदन का माहौल गरमा गया।
मंत्री ने जानकारी दी कि 10 निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। गंभीर आरोपों के बाद ओपीजेएस यूनिवर्सिटी को 7 जनवरी 2026 को परिसमापन में भेज दिया गया है और बीकानेर संभागीय आयुक्त को प्रशासक नियुक्त किया गया है। मेवाड़ यूनिवर्सिटी सहित अन्य संस्थानों में भी गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 53 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। जिन संस्थानों की जांच चल रही है, उनमें सिंघानिया, सनराइज, श्रीधर, माधव, रैफल्स, निर्वाण, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी जयपुर और जेजेटी यूनिवर्सिटी शामिल हैं। एसओजी की सिफारिश पर कई मामलों में विस्तृत जांच की जा रही है।
बैरवा ने कहा कि राजस्थान प्राइवेट हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेटरी अथॉरिटी बिल को और सशक्त बनाने के लिए नई समिति गठित की गई है। आयोग के गठन का ड्राफ्ट जल्द ही विधि विभाग को भेजा जाएगा और इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










