महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 288 में से 217 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं महाविकास आघाडी का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा है. इसमें सबसे 36 सीटें कांग्रेस के खाते में आईं हैं, जबकि आठ सीटें उद्धव ठाकरे और सात सीटें शरद पवार गुट को मिली हैं.
महाराष्ट्र के पांच प्रमुख विभागों के नगरपरिषद और नगरपंचायत चुनावों के ताजा आंकड़े सामने आ गए हैं. भारतीय जनता पार्टी ने नगरअध्यक्ष और नगरसेवक दोनों ही श्रेणियों में अपनी बढ़त बनाए रखते हुए राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है
कुल 288 नगरपरिषदों/नगरपंचायतों में से 129 सीटों पर भाजपा ने नगराध्यक्ष के पदों पर कब्जा जमाया है. वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 51 सीटों पर जीत दर्ज की है. अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 37 सीटें मिली हैं. विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस को 36, शरद पवार गुट (NCP) को 7 और उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना) को मात्र 8 नगराध्यक्ष पदों से संतोष करना पड़ा है
पार्षदों (नगरसेवकों) की संख्या में भी बीजेपी ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है.
भाजपा: 1900 नगरसेवक
शिवसेना (शिंदे): 828 नगरसेवक
NCP (अजीत पवार): 759 नगरसेवक
कांग्रेस: 616 नगरसेवक
क्षेत्रवार आंकड़ों को देखें तो विदर्भ भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ साबित हुआ है, जहां पार्टी ने अकेले 775 नगरसेवक और 55 नगराध्यक्ष पद जीते हैं. कोंकण ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) ने कड़ी टक्कर देते हुए भाजपा से अधिक (225) नगरसेवक जीते हैं.
पश्चिम महाराष्ट्र: यहां अजित पवार गुट का असर साफ दिख रहा है, जहां उन्होंने सबसे ज्यादा 290 नगरसेवक जीते हैं.
मराठवाड़ा: यहां मुकाबला त्रिकोणीय रहा, लेकिन भाजपा और अजीत पवार गुट ने मिलकर विपक्ष को काफी पीछे छोड़ दिया है. MNS का खाता खाली: राज ठाकरे की पार्टी मनसे (MNS) का इन चुनावों में खाता भी नहीं खुल सका है











