बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना में होने की संभावना है. इसमें पीएम मोदी के साथ-साथ एनडीए के कई शीर्ष नेता और केंद्रीय मंत्री शामिल हो सकते हैं. शपथ ग्रहण समारोह के लिए पटना के गांधी मैदान में तैयारियां हो रही हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 19 नवंबर को निवर्तमान सरकार के प्रमुख के रूप में राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे.
बिहार विधानसभा चुनाव (2025) में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी अपने नव निर्वाचित विधायकों की बुधवार को प्रस्तावित बैठक में विधानमंडल दल के नेता का चयन करेगी. इस संबंध में पार्टी की ओर से सभी 89 नवनिर्वाचित विधायकों तथा 21 विधान परिषद सदस्यों को सूचना भेज दी गई है.
शपथ ग्रहण समारोह के लिए ऐतिहासिक गांधी मैदान को 20 नवंबर तक आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है. पटना जिला प्रशासन के अनुसार आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है. इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित हो सकते हैं
मंत्रिमंडल में दिख सकते हैं बीजेपी- जेडीयू से 5-6 नए चेहरे
दूसरी ओर नई सरकार में एनडीए घटक दलों के बीच मंत्रिमंडल में स्थान पाने को लेकर कवायद तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जद-यू) से पांच से छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है. महनार सीट से निर्वाचित जद(यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई टीम में जगह मिलने की संभावना है.
सूत्रों ने बताया कि जद(यू) अपने अधिकांश मंत्रियों को बरकरार रख सकता है, जबकि बीजेपी कुछ नए चेहरों को शामिल कर सकती है. जद(यू) और बीजेपी के अलावा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) भी नई सरकार का हिस्सा होंगी.
सूत्रों के अनुसार, लोजपा (रामविलास) को तीन, जबकि हम और रालोमो को एक-एक मंत्री पद मिलने की संभावना है. बीजेपी से अधिकतम 16 और जद(यू) से 14 मंत्री, मुख्यमंत्री के साथ 20 नवंबर को शपथ ले सकते हैं











