प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान से फोन कर गृह मंत्री से घटना की जानकारी ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो अंगोला में थीं, उन्होंने भी शाह से फोन पर बात कर जांच की स्थिति जानी. इसके बाद गृह मंत्रालय ने केस की जांच NIA को सौंपने का फैसला किया

सुरक्षा एजेंसीयों के मुताबिक हमलावर सीरियल ब्लास्ट करने की फिराक में थे. इस मॉड्यूल का प्लान तीन अलग-अलग कारों में IED लगाना था. फिर वो धमाके के बाद असॉल्ट राइफलों से फायरिंग कर दहशत फैलाना चाहते थे. जांच में पता चला कि उमर उन नबी और उसके साथियों ने मिलकर इस मिशन के लिए तीन कारें खरीदी थी. इसमें हुंडई I20 शामिल थी, जिसमें विस्फोट हुआ. दूसरी कार लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट थी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 0458 था. वह फरीदाबाद से बरामद हुई है. तीसरी कार मारुति ब्रेज़ा थी, जिसकी तलाश जारी है. सुरक्षा एजेंसियों ने अन्य गाड़ियों के लिए BOLO (Be On the Lookout) अलर्ट जारी किया है, क्योंकि संभावना है कि उनमें भी विस्फोटक छिपाए गए हों

जांच में पता चला कि हमलावर अमोनियम नाइट्रेट और RDX के मिश्रण का इस्तेमाल करने वाले थे. वे 25 नवंबर को अयोध्या के राम मंदिर में बड़ा हमला करने की योजना बना रहे थे. इस बीच विस्फोट के बाद I20 कार में मिले शव से DNA सैंपल लिए गए. गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर FSL टीम ने इन नमूनों का मिलान उमर के परिवार से लिए गए DNA सैंपल से किया. जम्मू-कश्मीर सुरक्षा प्रतिष्ठान ने बताया कि यह DNA सैंपल दिल्ली भेजे गए थे और रिपोर्ट की पुष्टि के बाद इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हवाले कर दिया गया









