UP के बरेली में जुमे पर ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर बवाल के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मैलाना तौकीर रजा समेत 50 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा, 6 मुकदमे दर्ज किए हैं।
इधर, CM योगी ने एक कार्यक्रम में कहा- “मौलाना भूल गया कि शासन किसका है। वो मानता था कि धमकी देंगे और जबरदस्ती जाम कर देंगे। हमने कहा कि जाम नहीं होगा। कर्फ्यू भी नहीं लगने देंगे। ऐसा सबक सिखाएंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां दंगा करना भूल जाएंगी।”
बरेली बवाल पर CM योगी ने कहा- पर्व और त्योहारों के दौरान आपने देखा होगा कि जब भी पर्व आते थे तब उत्पात शुरू हो जाता था। अब उत्पातियों और उपद्रवियों को पता लगेगा और उन्हें उनकी सात पीढ़ियां याद आएंगी, क्योंकि कभी-कभी लोगों की बुरी आदतें नहीं जाती हैं तो उसके लिए उनकी डेंटिंग पेंटिंग करवानी पड़ती है, जिससे उनकी बुरी आदतें ठीक की जा सकें और यही डेंटिंग पेंटिंग कल आपने बरेली के अंदर देखा होगा।
वह मौलाना भूल गया कि शासन किसका है उसे लगता था कि धमकी देंगे और जाम कर देंगे; लेकिन हमने कहा कि न जाम होगा और न ही कर्फ्यू लगेगा, लेकिन कर्फ्यू का सबक तुम्हें ऐसा सिखा देंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएंगी।
2017 के पहले यही UP के अंदर होता था और हम यही कह सकते हैं कि 2017 के बाद हमने कर्फ्यू भी नहीं लगने दिया। ऐसे लोगों को उनकी ही भाषा में समझाकर उन्हें सजा दिलाने का काम किया है। उत्तर प्रदेश के ग्रोथ स्टोरी यहीं से शुरू होती है।
दरअसल, शुक्रवार मौलाना तौकीर रजा की अपील पर ही भीड़ सड़क पर उतर आई थी। पुलिस ने रोका तो पथराव कर दिया था। इसके पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था।
इधर, लखनऊ की सड़कों पर नए होर्डिंग लगवा दिए गए हैं। इन पर लिखा है- ‘आई लव श्री योगी आदित्यनाथ जी’ और ‘आई लव बुलडोजर।’ वहीं, बाराबंकी में देर रात आई लव मोहम्मद के पोस्टर फाड़ने पर हंगामा हो गया। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस पहुंच गई और हालात काबू में किया।
मौलाना शहाबुद्दीन बोले- कानून अपने हाथ में न लें
अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा- नमाज के बाद जो घटना हुई वो दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी घटनाएं नहीं होना चाहिए, किसी भी तरफ नहीं होनी चाहिए। मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। पैगम्बर-ए-इस्लाम से मोहब्बत का एकमात्र तरीका यही है कि किसी को भी तकलीफ न पहुंचाएं।
क्योंकि उन्होंने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है। इसलिए मैं सभी मुसलमानों से आग्रह करता हूं कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें, कानून अपने हाथ में न लें। किसी से भी झगड़ा न करें – न पुलिस से, न प्रशासन से… पैगम्बर-ए-इस्लाम ने जो कहा और जो रास्ता दिखाया, उस पर चलें। यही सबसे बड़ी मोहब्बत है।
I Love Muhammad विवाद कानपुर से शुरू हुआ था
विवाद कानपुर में 4 सितंबर से शुरू हुआ। बारावफात (ईद मिलाद-उन्नबी) के जुलूस के दौरान एक समूह ने ‘I Love Muhammad’ लिखा एक बैनर/लाइटबोर्ड जुलूस मार्ग पर लगाया। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया।
पुलिस ने बैनर हटाए और 9 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। बाद में विवाद बढ़ गया और कई अन्य शहरों व राज्यों में ‘I Love Muhammad’ के समर्थन में रैलियां, बैनर और पोस्टर लगे। हिंदू समुदाय ने इसके जवाब में “I Love Mahadev/Mahakaal” जैसे बैनर लगाए।
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