पाली में ASI चम्पालाल कुमावत की बुधवार दोपहर को अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल रहे। शहर के पाली पंचायत समिति के सामने स्थित हिन्दू सेवा मंडल के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूरे रास्ते शहीद चम्पालाल अमर रहे, भारत माता के जैकारे गूंजते सुनाई दिए।

पुलिस कर्मियों ने तीन बार हवाई फायर कर एएसआई को शोक सलामी दी। उनकी बेटी रिंकू और बेटे भवानी ने मुखाग्नि दी। मंत्री जोराराम कुमावत, विधायक भीमराज भाटी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, एसपी आदर्श सिधु, एएसपी विपिन कुमार शर्मा, सीओ ग्रामीण रतनाराम देवासी, भाजपा महामंत्री नारायण कुमावत, भंवर चौधरी, पुखराज पटेल, यशपाल सिंह कुंपावत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सहित कई पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनकी देह को जैसे ही मुखाग्नि दी गई परिजनों के साथ कई पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं।
पाली के सदर थाने में ड्यूटी के दौरान करीब तीन साल पहले मृतक ASI चम्पालाल कुमावत ने आकेली 23 साल के रामकरण पुत्र देवाराम बावरी को डूबने से बचाया था। उसने जब एएसआई के देहांत का समाचार सूना तो भाई के साथ अंतिम यात्रा में पहुंचा। उसने बताया कि करीब तीन साल पहले वह हेमावास बांध के ओटे के पानी में बह गया था। पेड़ पकड़कर करीब पांच घंटे पानी में फंसा रहा। रात करीब एक बजे ASI चम्पालाल अपनी कमर में रस्सा बांधकर पानी में उतरे ओर उन्हें बचाकर बाहर लाए। आंखों में आंसू लिए रामकरण बोला कि उस दिन ASI चम्पालाल कुमावत नहीं होते तो शायद वह इस दुनिया में नहीं होता।

मामले में SP आदर्श सिंधु ने बताया कि 21 अक्टूबर को एएसआई चम्पालाल कुमावत गुंदोज चौकी के निकट साथी पुलिसकर्मियों के साथ ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान तेज रफ्तार से आ रहे बाइक सवार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। जिससे वे सिर के बल सड़क पर गिरे। सिर फटने से खून बहने लगा। साथी पुलिसकर्मी तुरंत उन्हें इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे लेकिन लाख प्रयास के बाद भी डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके।











