बांग्लादेश में भीड़ ने एक और हिंदू शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान अमृत मंडल उर्फ सम्राट के रूप में हुई है. राजबाड़ी के पांग्शा इलाके में हुई इस हत्या को लेकर पुलिस ने दावा किया कि जबरन वसूली के आरोप में भीड़ ने अमृत मंडल की हत्या कर दी.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों ने बुधवार (24 दिसंबर 2025) भीड़ ने उस पर हमला किया, जिसके बाद प्रशासन मौके पर पहुंची. पुलिस ने सम्राट के एक सहयोगी मोहम्मद सलीम को डिटेन किया है. उसके पास से एक पिस्तौल सहित हथियार बरामद किए गए
जानकारी के अनुसार घटना के दौरान पुलिस ने सम्राट के एक साथी मोहम्मद सलीम को मौके से गिरफ्तार किया। सलीम के पास से पुलिस ने दो हथियार भी बरामद किए। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और सम्राट को गंभीर हालत में भीड़ से बचाया।
इलाज के दौरान हुई मौत
पुलिस ने बताया कि सम्राट के बिगड़ते हालात को देखते हए उसे तुरंत पांगशा उपजिला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सलीम के पास से एक पिस्टल और एक देसी बंदूक बरामद की और उसे हिरासत में ले लिया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए राजबाड़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
अमृत मंडल की लीचिंग पर पुलिस ने क्या कहा?
रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीणों ने कहा, ‘अमृत मंडल हुसैनडांगा के पुराने बाजार क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर गया और फिरौती की मांग की. लेकिन जब उसने फिरौती देने से इनकार कर दिया तो सम्राट वाहिनी के अन्य सदस्य 24 दिसंबर को उसके घर में घुस गए. घर के मुखिया वहां नहीं मिले तो उसके ये लोग उसके बेटे को मारने लगे. तभी घर के लोग चोर-चोर कहकर शोर मचाना शुरू किया तो गांव वाले जुट गए और उन्होंने सम्राट की पिटाई कर दी. उसके एक साथी को लोगों ने पकड़ लिया.‘
पुलिस ने अमृत मंडल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को आग के हवाले कर दिया था. पहले ये कहा गया कि उसे ईशनिंदा के आरोप में मारा गया, लेकिन बाद में पुलिस ने साफ किया कि उसे इस तरह का कोई सबूत नहीं मिला. दीपू दास की हत्या के बाद भारत समेत कई देशों में यूनुस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए
बांग्लादेश में अब-तक क्यों जारी है हिंसा?
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से बांग्लादेश में हिंसा बदस्तूर जारी है। ढाका से लेकर चटगांव तक भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इसके ठीक बाद चटगांव में एक हिंदू शख्स की लिंचिंग की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया।
अब बांग्लादेश के नए राजनीतिक दल नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के एक नेता पर भी हमला हुआ है। सोमवार को एनसीपी के मोहम्मद मुतालिब सिकदर को खुलना में गोली मार दी गई। इस हमले में सिकदर के सिर पर चोट आई है। बताया गया है कि उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।











