आबूराज में राजीविका मिशन की आदिवासी महिलाओं ने हर्बल गुलाल बनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है, एसडीएम डॉ.अंशु प्रिया ने इस पहल की सराहना की, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को आर्थिक मजबूती भी दे रही है!
पर्वतीय तीर्थस्थल आबूराज में इस बार होली का उल्लास कुछ खास है. यहां हवाओं में सिर्फ गुलाल नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की महक भी घुली हुई है. आदिवासी अंचल की महिलाओं ने अपने हुनर से न केवल प्रकृति को सहेजा है, बल्कि अपनी किस्मत के रंगों को भी चटख बनाया है, आबूराज के बाजारों में इस बार सिंथेटिक और रासायनिक रंगों के बजाय हर्बल गुलाल की धूम है








