डूंगरपुर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों सांसदों के बीच तू-तड़ाक तक हो गई, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बैठक के दौरान सांसद राजकुमार रोत अध्यक्ष की अनुमति से अन्य बिंदुओं पर चर्चा कराने की बात कहते रहे, जबकि सांसद मन्नालाल रावत दिशा समिति की गाइडलाइन के अनुसार ही बैठक संचालित करने पर अड़े रहे। मुख्यमंत्री बीमा योजना का मुद्दा उठाए जाने पर रावत ने आपत्ति जताई। इस पर रोत ने कथित घोटाले का हवाला देते हुए चर्चा की मांग की।

इस बीच दोनों सांसदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। रावत ने स्पष्ट किया कि दिशा समिति की बैठक में केवल केंद्र सरकार की अधिसूचित योजनाओं पर ही चर्चा हो सकती है और उसी के अनुरूप कार्यवाही दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने गाइडलाइन दिखाते हुए कहा कि बैठक तय एजेंडे से बाहर नहीं हो सकती।
वहीं सांसद रोत ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मुद्दों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर भी चर्चा संभव है। उन्होंने जिला प्रशासन से जिले की प्रगति पर जानकारी देने की मांग की।
बहस के दौरान दोनों सांसद खड़े होकर तेज आवाज में बात करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षाकर्मी बीच में आए और मामला शांत कराने का प्रयास किया। इसी दौरान बाप विधायक द्वारा की गई टिप्पणी पर भी माहौल और गरमा गया, जिस पर सांसद रावत ने आपत्ति जताई।
पूरा घटनाक्रम के दौरान जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह सांसदों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन अधिकारी अधिकांश समय मौन रहकर घटनाक्रम देखते रहे। बैठक समाप्त होने के बाद भी दोनों सांसदों के बीच हुई तीखी नोकझोंक की चर्चा प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में होती रही।







