जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र में केलावा गांव के समीप मवेशी हत्या की घटना के बाद उपजे जनाक्रोश के चलते प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से नगरपालिका एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पोकरण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन कर संचालित की जा रही 19 अवैध मीट दुकानों को सीज कर दिया गया।
यह विशेष अभियान राजस्व अधिकारी रामस्वरूप गुचिया के नेतृत्व में चलाया गया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई अवैध दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए, लेकिन प्रशासन ने बंद दुकानों को भी नहीं छोड़ा और नियमानुसार उन्हें सीज कर दिया।
जांच के दौरान सामने आई स्थिति ने प्रशासन को भी चौंका दिया। पता चला कि शहर के वार्ड नंबर 1 में न केवल दुकानों के बाहर, बल्कि घरों के भीतर से भी अवैध रूप से मीट का कारोबार किया जा रहा था। टीम के पहुंचते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई कारोबारी मौके से फरार हो गए।
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी जब्बर सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि बिना वैध लाइसेंस के किसी भी व्यक्ति को मीट की दुकान संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन दुकानदारों के पास लाइसेंस है, उन्हें अपने सभी आवश्यक दस्तावेज नगरपालिका कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि आगे नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किया हे मामला….?
बता दे की कुछ दिन पूर्व पोकरण क्षेत्र में बैल की निर्मम हत्या की घटना सामने आने के बाद से ही स्थानीय नागरिकों और सर्व समाज में भारी आक्रोश व्याप्त था। बाजार बंद, आंदोलन और विरोध प्रदर्शन की चेतावनियों के बीच प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शांति भंग होने से पहले निर्णायक कदम उठाया।











