चौमूं (जयपुर) में शुक्रवार सुबह मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हो गया। उपद्रवियों के पथराव में कई पुलिसवालों के सिर फूट गए। बवाल कर रही भीड़ के हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। विवाद चौमूं कस्बे के बस स्टैड के पास सुबह 3 बजे हुआ। इस घटना में घायल 6 पुलिसवालों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। मौके पर चार से ज्यादा थानों के पुलिसकर्मी और आरएसी की कंपनी तैनात है।

कस्बे में 24 घंटे के लिए इंटरनेट भी बंद किया गया है। पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सर्किल ऑफिसर ऊषा यादव ने बताया कि अब तक करीब 70 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सीसीटी और अन्य माध्यमों से उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी हुई है।

क्या है विवाद
विवाद मस्जिद के पास सड़क किनारे लगे पत्थरों को हटाने से जुड़ा है। गुरुवार शाम को समुदाय विशेष के लोगों और पुलिस प्रशासन के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें समुदाय विशेष ने स्वयं पत्थर हटाने पर सहमति जताई थी। पत्थर हटाने के बाद समुदाय विशेष के लोगों ने प्रशासन की सहमति के बिना लोहे की रेलिंग लगाकर बाउंड्री का काम शुरू कर दिया। जब उनसे मना किया गया तो कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।

हालात बिगड़ते देख चौमूं, हरमाड़ा, विश्वकर्मा, दौलतपुरा सहित आसपास के कई पुलिस थानों से अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
इस पूरे ऑपरेशन की कमान स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश ने खुद संभाली। पुलिस कार्रवाई के दौरान लोगों ने “जयपुर पुलिस जिंदाबाद” के नारे भी लगाए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर शांति बनाए रखने की अपील की है। एहतियातन 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। RAC और QRT की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं।
पथराव के दौरान हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। घायल पुलिसकर्मियों का चौमू के एक अस्पताल में इलाज जारी है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार, डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद, एडीसीपी राजेश गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।








