महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने, योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने और ग्रामीणों के रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने की कथित साज़िश के विरोध में राजस्थान भर में कांग्रेस ने व्यापक आंदोलन छेड़ दिया है प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, सत्याग्रह, मौन रैली और पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के फैसले के ख़िलाफ़ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया है
अजमेर – डोटासरा भी धरना स्थल पर पहुंचे
अजमेर में शहर व देहात कांग्रेस कमेटियों ने संयुक्त रूप से कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी का नाम हटाने की साज़िश का आरोप लगाया. जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में चल रहे धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी धरना स्थल पर पहुंचे और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला
सवाई माधोपुर – धरना-प्रदर्शन
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाकर उसे वीबी- जी राम जी किए जाने के विरोध में सवाई माधोपुर में कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस के बैनर तले आयोजित इस विरोध में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए और सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महावीर पार्क में बैठक के बाद रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रदर्शन उग्र हो गया और कुछ कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के गेट पर चढ़ते नजर आए। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया
बीकानेर – धरना-प्रदर्शन
बीकानेर में कांग्रेस ने गांधी पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर लगे बैरिकेट्स पर चढ़ गए और जोरदार नारेबाजी की. मनरेगा के नाम परिवर्तन सहित कई मुद्दों को लेकर किए गए इस प्रदर्शन में पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल, जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी के अपमान का आरोप लगाया
अलवर – पहले मनरेगा अधिकार था, अब वो नहीं रह गया
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- जो पहले श्रमिकों का अधिकार था, राइट टू वर्क जो अब अधिकार नहीं रहा है। पहले यह कानून था कि श्रमिक फॉर्म नंबर छह भरेंगे और पंद्रह दिन में रोजगार मिलेगा। यदि नहीं मिला तो अधिकारी के खाते से पैसा कटेगा और उनको बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। लेकिन आज अब वो बात नहीं रही।
-1766327012918.webp)
अलवर में जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मिनी सचिवालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब और ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है. उन्होंने योजना का नाम बदलने को महात्मा गांधी के योगदान और विचारधारा का अपमान बताया

सीकर – धरना-प्रदर्शन
सीकर में कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली मौन प्रदर्शन किया. डाक बंगले से जिला कलेक्ट्रेट तक निकाली गई मौन रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में महात्मा गांधी का छायाचित्र लेकर भाजपा सरकार के फैसले के खिलाफ आक्रोश जताया और इसे राष्ट्रपिता के सम्मान पर हमला बताया

जयपुर शहर – धरना-प्रदर्शन
जयपुर में मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदर्शन किया गया. शहर अध्यक्ष आर.आर. तिवाड़ी के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने की कथित साज़िश के खिलाफ आवाज़ बुलंद की











