अरावली संरक्षण को लेकर उदयपुर, जोधपुर, सीकर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलो में प्रदर्शन, कई शहरों में पुलिस-प्रदर्शनकारी भिड़े, जोधपुर में लाठीचार्ज

अरावली संरक्षण को लेकर उदयपुर, जोधपुर, सीकर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलो में प्रदर्शन, कई शहरों में पुलिस-प्रदर्शनकारी भिड़े, जोधपुर में लाठीचार्ज

राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर सोमवार को जनआंदोलन तेज हो गया। कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों ने अलग-अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर पुनर्विचार की मांग उठाई। कई शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए, जबकि कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण भी नजर आई।

अरावली पर्वत श्रंखला में खनन को मंजूरी मिलने से नाराज लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस और सामाजिक संगठनों के लोगों की उदयपुर कलेक्ट्रेट में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। यहां पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को अरेस्ट भी कर लिया। सीकर में 945 मीटर ऊंचाई पर स्थित हर्ष पर्वत पर प्रदर्शन किया गया।

उदयपुर में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।

वही जोधपुर में एनएसयूआई कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान बेरिकेड्स पर चढ़ गए।पुलिस की समझाइश के बाद भी नीचे नहीं उतरे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।  प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने साफ कहा कि यदि अरावली को कमजोर करने वाले फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र किया जाएगा। सभी संगठनों ने एकजुट होकर अरावली पर्वतमाला के संरक्षण का संकल्प दोहराया और इसे पर्यावरण संतुलन के लिए अनिवार्य बताया।

NSUI Protest | अरावली पर्वतमाला बचाने को लेकर सड़कों पर उतरे NSUI

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की रीढ़ है। इसके कमजोर होने से भूजल स्तर, वन्यजीव और आसपास के क्षेत्रों की जलवायु पर गंभीर असर पड़ सकता है। आंदोलनकारी संगठनों ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की कि वे सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करें। उनका कहना है कि यदि फैसले में संशोधन नहीं किया गया, तो अरावली का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा। प्रदेशभर में जारी प्रदर्शनों से स्पष्ट है कि अरावली के संरक्षण को लेकर जनाक्रोश लगातार बढ़ रहा है।

NSUI Protest | अरावली पर्वतमाला बचाने को लेकर सड़कों पर उतरे NSUI

पर्यावरण प्रेमी बोले-जीव-जंतु क्या करेंगे

सीकर में पर्यावरण प्रेमी पवन ढाका ने कहा कि इंसान को निकालकर उसके घर को तोड़ दिया जाए, तो वह कहां पर जाएगा। इंसान तो फिर भी कोई झोपड़ी बना लेगा, लेकिन यह जीव-जंतु क्या करेंगे।

सीकर सांसद अमराराम ने कहा कि राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली तक जो अरावली पर्वतमाला है, उसको भी भूमाफियाओं के दबाव में तहस-नहस करने का काम किया जा रहा है। जिससे पूरे देश की जीवनलीला समाप्त होगी। अरावली को माफिया के हवाले करने की कोशिश को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

NSUI Protest | अरावली पर्वतमाला बचाने को लेकर सड़कों पर उतरे NSUI

कोटा में कल से आंदोलन की चेतावनी

अरावली को बचाने के लिए हाड़ौती पर्यावरण संरक्षण समिति व चंबल बचाओ अभियान समिति ने कोटा में आंदोलन की चेतावनी दी है। आंदोलन की रूप रेखा तैयार करने को लेकर दोनों संगठनों ने मंगलवार को किशोर सागर तालाब स्थित बारादरी पर पर्यावरण प्रेमियों मीटिंग बुलाई है।

चंबल बचाओ अभियान समिति के कुंदन चीता ने कहा कि 4 राज्यों की जीवन रेखा अरावली पर्वतमाला से चलती है। कोर्ट के फैसले के बाद 100 मीटर के नीचे वाले हिस्से को काटा जाएगा। हम पर्यावरण को उजड़ता हुआ नहीं देखना चाहते। देश का हर नागरिक व पर्यावरण प्रेमी इस बात से दुखी है। कोटा की धरती पर कल से आंदोलन का आगाज होगा।

अरावली को खत्म किया जा रहा

भीलवाड़ा कांग्रेस जिलाध्यक्ष (ग्रामीण) और पूर्व मंत्री रामलाल जाट बोले- पर्यावरण नहीं होगा तो गंभीर बीमारियां होंगी। देश पूंजीपतियों को देकर अरावली को खत्म किया जा रहा है। एक्सपर्ट भी कह चुके हैं कि अरावली को बचाना है, वे अपने घर का काम नहीं कर रहे है, वे भी पर्यावरण को बचा रहे हैं। भास्कर की ओर से भी मुहिम चलाई जा रही रही है, जिसमें मैं शामिल होते हुए चाहता हूं कि अरावली बचे।

 

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