भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने प्रधानमंत्री के “विकसित भारत / 2047” के विज़न के अनुरूप “सीएसआईआर स्मार्ट विलेज” नामक मिशन मोड परियोजना का शुभारंभ 20 दिसम्बर को किया गया। इस पहल के अंतर्गत भारत के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में स्थित छह ग्रामों का चयन किया गया है। इनमें राजस्थान के पाली जिले के सवाईपुरा गांव को गर्म व शुष्क जोन में शामिल किया गया हैं। यह परियोजना स्वदेशी सीएसआईआर प्रौद्योगिकियों के माध्यम से प्रमुख ग्राम विकास संकेतकों में सुधार करते हुए समग्र ग्राम विकास पर केंद्रित है, जो “लैब टू लैंड” के मार्गदर्शक सिद्धांत का अनुसरण करती है।

इस मिशन का नेतृत्व नोडल प्रयोगशाला, सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की द्वारा किया जा रहा है, जिसमें सीएसआईआर की तेरह सहभागी प्रयोगशालाएं सम्मिलित हैं। इनमें सीएसआईआर-आईएचबीटी, सीएसआईआर-सीमैप, सीएसआईआर-नीरी, सीएसआईआर-सीआरआरआई, सीएसआईआर-एएमपीआरआई, सीएसआईआर-एसईआरसी, सीएसआईआर-सीएसआईओ, सीएसआईआर-आईआईसीटी, सीएसआईआर-सीएलआरआई, सीएसआईआर-एनआईआईएसटी, सीएसआईआर-एनजीआरआई, सीएसआईआर-सीएमईआरआई तथा सीएसआईआर-सीईईआरआई शामिल हैं। परियोजना के प्रारंभिक चरण में राजस्थान सरकार तथा बाल रक्षा भारत (सेव द चिल्ड्रन) द्वारा कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं।

सहभागी प्रयोगशालाएं आवास नियोजन एवं विकास, आधारभूत संरचना, ग्राम सड़कों, कृषि एवं सहायक प्रौद्योगिकियों, कृषि-आधारित आजीविका, नवीकरणीय ऊर्जा, इको-किचन, भूजल एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्रों में विभिन्न तकनीकों का परिनियोजन कर रही हैं।
इस राष्ट्रीय मिशन का औपचारिक शुभारंभ 20 दिसम्बर को पाली सांसद पी. पी. चौधरी, तथा “वन नेशन, वन इलेक्शन” पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष, एवं डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी, सचिव, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) तथा महानिदेशक, सीएसआईआर, नई दिल्ली द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर प्रो. प्रदीप कुमार रामणचारला, निदेशक, सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि सुनिल भण्डारी, पाली विधायक भीमराज भाटी, विशाल सिपा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पंचायती राज, सी. पी. वर्मा कार्यकारी अभियंता, ग्रामीण विकास, हरि सिंह राजपुरोहित कार्यकारी अभियंता पंचायती राज, पुरण कुमार शानी उपखंड अधिकारी, मनमोहन मीणा खंड विकास अधिकारी रोहट तथा दिलीप सिंह ग्राम विकास अधिकारी, चोटिला ग्राम सहित अनेक वैज्ञानिक एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का समनव्य (सीएसआईआर) के प्रधान वैज्ञानिक डॉ किशोर ने किया।











