डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के एक कस्बे में समुदाय विशेष के युवक की कथित छेड़छाड़ से परेशान 16 वर्षीय किशोरी ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। मृतका के परिजन और सर्वसमाज के लोग बुधवार रात से पीठ कस्बे की पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। आज ( 18/12/2025) दोपहर तक भी हालात तनावपूर्ण बने रहे। प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी, आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए आसपास के थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात किया गया है।

धम्बोला थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट में मृतका की मां ने बताया कि 14 दिसंबर की शाम वह अपनी बेटी के साथ बीएसटीसी का फॉर्म भरने के लिए ई-मित्र केंद्र गई थी। इसी दौरान पीठ निवासी जावेद मोटर साइकिल से उनका पीछा करता हुआ वहां पहुंच गया। पासपोर्ट फोटो खिंचवाने जाने पर भी वह उनके पीछे आया। पीछा करने से मना करने पर आरोपी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

रिपोर्ट के अनुसार फॉर्म भरने के बाद लौटते समय जावेद, मुस्ताक टिटोरिया, उसकी मां खतिजा, पत्नी सुहाना सहित 10-15 लोगों ने किशोरी को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया, उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। बीच-बचाव करने पर किशोरी की मां के साथ भी मारपीट की गई। आरोपी जावेद के खुलेआम बाजार में घूमने की जानकारी मिलने पर किशोरी मानसिक रूप से टूट गई और उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सीमलवाड़ा, फिर डूंगरपुर और बाद में उदयपुर रैफर किया गया, जहां बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई।

किशोरी की मौत के बाद परिजन और सर्वसमाज के लोग धम्बोला थाने पहुंचे और धरना दिया। बाद में वे पीठ पुलिस चौकी पहुंचे, जहां बुधवार रातभर धरना चलता रहा। सीमलवाड़ा डीएसपी मदन विश्नोई सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने समझाइश की लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। लोगों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने, 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर पीठ पुलिस चौकी पहुंचे, जहां आरोपी और उनके समाज के लोग भी पहुंच गए और मां-बेटी को घेर लिया। आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और दोनों को घर भेज दिया गया। बाद में किशोरी के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगले दिन भी आरोपी घर के आसपास घूमते रहे।
डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि मामले में आज शाम समझौता हो गया है। समझौते के तहत पीड़ित परिवार को 11 लाख मुआवजा दिया जाएगा, वहीं परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इधर पीठ पुलिस चौकी के सब इंस्पेक्टर मणिलाल को निलंबित कर दिया गया है और आरोपी पक्ष के 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के घर के पट्टे की जांच सहित अन्य मांग मानने के बाद लोग धरने से उठ गए। इसके बाद गमगीन माहौल में किशोरी के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले दोपहर में दोपहर को आईजी गौरव श्रीवास्तव, कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, एसपी मनीष कुमार पीठ पहुंचे। जहां पीड़ित परिवार के साथ ही सर्वसमाज के लोगो की बैठक हुई, जिसमें मांगों पर वार्ता चली।











