‘वोट चोरी’ और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने आज दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित कर अपने अभियान को और तेज कर दिया. इस रैली के जरिए कांग्रेस सरकार और निर्वाचन आयोग पर चुनाव में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा कर रही है. रैली में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद हैं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, खासकर महिला कार्यकर्ता, उत्साह के साथ शामिल हुए हैं
एसआईआर और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस की विशाल रैली को राहुल गांधी ने संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा है। मैंने सवाल पूछे तो चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं यहां आ रहा था तो मुझे बताया गया कि अंडमान निकोबार में मोहन भागवत ने एक बयान दिया है। गांधीजी कहते थे कि सत्य सबसे जरूरी चीज है, हमारे धर्म में सत्य को सबसे जरूरी माना जाता है, लेकिन मोहन भागवत का बयान सुनिए- ‘विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है, जिसके पास शक्ति है उसे माना जाता है।’ यह मोहन भागवत की सोच है, यह RSS की विचारधारा है। हमारी, हिंदुस्तान, हिंदू धर्म और दुनिया के हर धर्म की विचारधारा यह कहती है कि सत्य सबसे जरूरी है, लेकिन मोहन भागवत कहते हैं सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि हम सत्य को लेकर, सत्य के पीछे खड़े होकर, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, आरएसएस की सरकार को सत्ता से हटाएंगे।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि रामलीला मैदान में हो रही यह रैली सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि पूरे देश की आवाज है. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में उठने वाली यह हुंकार 144 करोड़ लोगों की आवाज है. लोकतंत्र का आधार वोट है. अगर वोट देने का अधिकार ही छीन लिया जाएगा तो न लोकतंत्र बचेगा और न संविधान. जब वोट और संविधान नहीं होंगे, तो न पेंशन मिलेगी, न राशन, न सड़क और न अस्पताल. राहुल गांधी यही लड़ाई लड़ रहे हैं
रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली में महिला कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. देश के अलग-अलग हिस्सों से महिला नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे हैं. रैली को लेकर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा जोश नजर आया











