भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल आज जोधपुर पहुंचे एयरपोर्ट पर भाजपा पदाधिकारी ने उनकी अगवाई की पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र शुद्ध हो पवित्र हो पारदर्शी हो इसलिए मतदाता सूची को हमेशा ही शुद्ध होना चाहिए 2003- 04 के बाद की एसआईआर के बाद 11 से 12 बार एसआईआर हुई और अधिकांश समय कांग्रेस के समय में हुई। अगर लोकतंत्र के लिए एसआईआर अच्छा नहीं था उन्होंने क्यों करवाया, जब उस समय किसी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया तो आज उनकी आपत्ति का आधार क्या है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इतने लंबे 20 साल के कार्यकाल में मतदाता सूची में गलत नाम जोड़े गए हैं। अब उन्हें डर लग रहा है कि पारदर्शी तरीके से जब बीएलओ घर-घर जाकर नामों की जांच करेंगे, तो सारे फर्जी नाम निकाल दिए जाएंगे। बिहार में 20 लाख ऐसे मतदाता थे जो मर चुके थे, लेकिन उनके नाम पर वोट पड़ते रहे। 23 लाख ऐसे थे, जो कहीं और चले गए फिर भी उनके नाम पर वोट पड़ते रहे। करीब 22 लाख नाम डुप्लीकेट थे। बिहार में कितनी शांति से चुनाव हुए। अब आप बंगाल के वीडियो और फोटो देख रहे होंगे एसआईआर शुरू हुआ है और बड़ी संख्या में बांग्लादेशी भारत और बंगाल छोड़कर भाग रहे हैं। यह अपने आप में सिद्ध करता है कि एसआईआर देश के लिए कितना जरूरी है।
उन्होंने कांग्रेस से आग्रह करते हुए कहा कि मैं राजस्थान में खड़ा हूं। कांग्रेस कहती है कि उसने 52 हजार बूथों पर बीएलए बना दिए। अगर ऐसा है तो फिर कहते क्यों हैं कि हम बीएलओ को नहीं मानते? अपने बीएलए बना लिए, एसआईआर की प्रक्रिया में अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं, हिस्सा ले रहे हैं और विरोध भी कर रहे हैं। यह विरोध सिर्फ राजनीतिक सनक है और जनता इसे जानती है। उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि यह चुनाव आयोग का अधिकार है कि वह तय करे कि उसके सामने आए दस्तावेज सही हैं या नहीं।







