भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिल गई है. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली में अहमदाबाद शहर को इस खेल के आयोजन की मंजूरी मिली. इससे पहले साल 2010 में भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी. कॉमवेल्थ गेम्स 2030 की बोली में भारत का मुकाबला अबुजा (नाइजीरिया) से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट देश के लोगों को बधाई दी. उन्होंने लिखा, “मुझे खुशी है कि भारत ने शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम 2030 की मेजबानी की बोली जीत ली है. भारत के लोगों और खेल जगत को बधाई. हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और खेल भावना ने ही भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है. वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ हम इन ऐतिहासिक खेलों का बड़े उत्साह के साथ जश्न मनाने के लिए उत्सुक हैं. हम दुनिया का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं.”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “अहमदाबाद में 2030 के कॉमनवेल्थ खेलों की प्रतिष्ठित मेजबानी के लिए भारत की ओर से बोली जीतने पर सभी नागरिकों को बधाई. यह हमारे भारत को एक वैश्विक खेल केंद्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का प्रमाण है. एक दशक से भी अधिक की कड़ी मेहनत के बाद पीएम मोदी ने विश्व स्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया है और प्रभावी सरकार और टीम वर्क के माध्यम से हमारे देश की क्षमता को बढ़ाया है
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा, “यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के लिए एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत है. गेम्स रीसेट के बाद हम ग्लासगो 2026 की ओर शानदार तैयारी के साथ बढ़ रहे हैं, जहां हम कॉमनवेल्थ की 74 टीमों का स्वागत करेंगे. इसके बाद अहमदाबाद 2030 पर हमारी नजरें होंगी, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के विशेष शताब्दी संस्करण की मेजबानी करेगा.”
उन्होंने कहा, “भारत पैमाना, युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल जुनून और प्रासंगिकता लाता है. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 2034 गेम्स और उससे आगे की मेजबानी को लेकर कई देशों की रुचि है.”











