राजस्थान में बड़ी संख्या में नई ग्राम पंचायतें बनीं: बदलीं ग्राम पंचायतों की सीमाएं, पाली-जयपुर जिले की 20 पंचायत समितियों का पुनर्गठन

राजस्थान में बड़ी संख्या में नई ग्राम पंचायतें बनीं: बदलीं ग्राम पंचायतों की सीमाएं, पाली-जयपुर जिले की 20 पंचायत समितियों का पुनर्गठन

राज्य सरकार ने राजस्थान के सभी 41 जिलों में पंचायत पुनर्गठन और नई पंचायतें बनाने की शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी है। अब पंचायतीराज का नक्शा बदल गया है। लगभग हर पंचायत की सीमाओं में बदलाव हुआ है। इसका स्थानीय राजनीति पर भी असर होगा। प्रदेश में नई पंचायतें बनाने के बाद अब सरपंचों, उपसरपंचों और वार्ड पंचों के बड़ी संख्या में पद बढ़ जाएंगे। जितनी नई पंचायतें बनेंगी, उतने ही सरपंच और उपसरपंच ज्यादा बनेंगे। वार्ड पंचों के पद भी हजारों में बढ़ेंगे। अब नए चुनाव इन्हीं पंचायतों के हिसाब से होंगे।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 98 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है. इस कार्रवाई का उद्देश्य स्थानीय प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है

इस पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले, जिला कलेक्टरों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया था. इन प्रस्तावों को सार्वजनिक अवलोकन के लिए जारी किया गया और आम जनता से एक महीने के भीतर आपत्तियां आमंत्रित की गईं

कम दूरी तय करनी होगी-

नई पंचायतें बनने से जनता को सुविधा होगी। बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर, चूरू सहित रेगिस्तानी जिलों और आदिवासी इलाकों में ग्राम पंचायत के इलाके कई किलोमीटर में थे। लोगों को पंचायत मुख्यालय जाने के लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी होती थी। लोगों को राशन लेने, सरकारी दस्तावेज बनवाने और सरपंच, ग्राम सचिव से जुड़े काम करवाने के लिए पंचायत मुख्यालय आना होता है।

एक पंचायत में तीन से चार गांव होने के कारण मुख्यालय आने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना होता था। इसमें समय ज्यादा लगता था। अब नई पंचायतें बनाने के कारण इलाका कम होने से लोगों को सुविधा होगी।

जोधपुर में कुल 241 नई ग्राम पंचायतें बनाई गईं-

जोधपुर जिले में नवगठित पंचायत के पुनर्सृजन के बाद अब 241 सरपंच अधिक बनेंगे। जोधपुर जिले की 14 पंचायत समितियां में पूर्व में 286 ग्राम पंचायतें थी, जो अब बढ़कर 527 हो चुकी हैं। 241 नई ग्राम पंचायतें जोधपुर जिले में बनाई गई है। सबसे कम मंडोर ग्राम पंचायत में नई ग्राम पंचायत बनाई गई हैं। 4 नई ग्राम पंचायत बनाई गई है। वहीं, शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक ग्राम पंचायतें बनाई गई है। यहां बालेसर में 30 और शेरगढ़ में 32 नई ग्राम पंचायत बनाई गई है।

पाली जिले के सुमेरपुर पंचायत समिति का पुनर्गठन-

सुमेरपुर पंचायत समिति में चार नई ग्राम पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इनमें जाखोडा, पुराडा, बडगावड़ा और बाबागाँव शामिल हैं। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं तक पहुंच अब और अधिक सुगम हो जाएगी। ग्रामीणों को अब विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ अपने नजदीक ही मिल सकेगा। पहले कई गांवों के लोगों को राशन वितरण, सरकारी दस्तावेज बनवाने, प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा सरपंच और ग्राम सचिव से संबंधित कार्यों के लिए दूर स्थित पंचायत मुख्यालय जाना पड़ता था।

सुमेरपुर: सुमेरपुर पंचायत समिति परिसर में शैतान सिंह के 64वें बलिदान दिवस  पर राष्ट्रीय गान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई - Sumerpur News

अधिसूचना जारी होने के बाद जाखोडा, पुराडा, बडगावड़ा और बाबागाँव क्षेत्रों के लोगों में उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है

कब प्रभावी होंगी ये नई सीमाएं?

सरकार द्वारा अनुमोदित ये नई पंचायत सीमाएं आगामी पंचायत चुनावों के बाद ही प्रभावी होंगी. चुनाव संपन्न होने के बाद, पुरानी ग्राम पंचायतें स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी और नवगठित पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों की प्रशासनिक और विकास जिम्मेदारियां संभालेंगी. इससे ग्रामीण स्तर पर नए जनप्रतिनिधियों को जनता की सेवा करने का अवसर मिलेगा.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *