कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार खेमे के मंत्री और विधायक दिल्ली में पार्टी के आलाकमान से मिलने पहुंचे हैं, जिसके बाद सियासी हलचल बढ़ गई है. सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार के करीबी मंत्री एन. चलुवरायसामी और विधायक इकबाल हुसैन, एच.सी. बालकृष्ण, एस.आर. श्रीनिवास और टी.डी. राजेगौड़ा दिल्ली पहुंच चुके हैं. यहां ये नेता पार्टी हाईकमान से मुलाकात करने वाले हैं
सूत्रों के अनुसार शिवकुमार के करीबी मंत्री एन. चलुवरायसामी और विधायक इकबाल हुसैन, एच.सी. बालकृष्ण और एस.आर. श्रीनिवास दिल्ली पहुंचे हैं। शुक्रवार को बारह और विधायक पहुंच सकते हैं। इन नेताओं की शीर्ष नेतृत्व से बैठक की संभावना है, जिसे राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस में असंतोष की यह हलचल उस चर्चा को दोबारा हवा दे रही है जिसमें कहा गया था कि कर्नाटक में रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूला तय हुआ था।
डीके शिवकुमार समर्थक विधायक टीडी राजेगौड़ा ने कांग्रेस के संगठन महासचिव वेणुगोपाल से की मुलाकात की. डीके शिवकुमार गुट इस बात पर जोर दे रहा है कि सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार के ढाई साल पूरे हो गए और तय समझौते के तहत अब शिवकुमार को सीएम बनाया जाए. दिल्ली पहुंचे सभी नेता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलकर इस समझौते पर बात करेंगे
20 मई 2023 को विधानसभा परिणाम आने के बाद सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। पार्टी ने समीकरण साधते हुए सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया था। उस समय यह भी चर्चा थी कि ढाई साल बाद सत्ता परिवर्तन होगा और शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि कांग्रेस ने इसे कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया। सिद्धारमैया ने बाद में इस तरह की सभी चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा था कि वह पूरे पांच साल कार्यकाल पूरा करेंगे।
डीके शिवकुमार के भाई और बेंगलुरू ग्रामीण के पूर्व लोकसभा सांसद डीके सुरेश ने गुरुवार (20 नवंबर 2025) को कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ढाई साल को लेकर किए गए अपने वचन को निभाएंगे. सीएम सिद्धारमैया का कहना है कि ढाई साल बाद कैबिनेट फेरबदल की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि वह अगले साल अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश करेंगे
कर्नाटक के सीएम ने कहा, “मेरी सत्ता अभी और भविष्य में सुरक्षित है. जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए जा रहा हूं. यह एक अंधविश्वास है कि अगर मैं चामराजनगर आया तो मैं सत्ता खो दूंगा. मैं चामराजनगर जाता हूं क्योंकि मैं अंधविश्वासों और अफवाहों में विश्वास नहीं करता. मैं राज्य के सभी जिलों को समान मानता हूं और सभी जिलों का दौरा करता हूं.”
यह पूछे जाने पर कि क्या वह 5 साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे इस पर सिद्धारमैया ने कहा, “यह एक अनावश्यक बहस है. ढाई साल बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की बात कहने के बाद ही मुख्यमंत्री बदलने का मुद्दा सामने आया है. पार्टी नेताओं को मंत्रिमंडल फेरबदल पर फैसला लेने की जरूरत है. कुल 34 मंत्री पद हैं, जिनमें से दो पद खाली हैं. ये रिक्त मंत्री पद कैबिनेट फेरबदल के दौरान भरे जाएंगे.”











