सीकर में एक युवा वोटर के 7 EPIC कार्ड निर्वाचन आयोग ने जारी कर दिए। इसके बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे सोशल मीडिया ”एक्स” प्रसारित करके ”व्यक्ति एक, वोट अनेक BJP की ‘वोट चोरी’ योजना” लिखकर एक बार फिर निर्वाचन आयोग और केन्द्र की मोदी सरकार पर कटाक्ष किया है।
कांग्रेस की इस टिप्पणी के बाद निर्वाचन आयोग ने इसका फेक्ट चैक करवाया और अपनी गलती स्वीकार करते हुए इस पर स्पष्टीकरण देकर जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही के लिए कहा है।

दरअसल सीकर जिले के मेघराज पटवा (18) के घर 7 वोटर ID कार्ड भेज दिए, जिनमें सभी का EPIC नंबर तो अलग-अलग है, लेकिन फोटो, नाम, जन्म तारीख समेत अन्य जानकारी एक है। ये कार्ड जब सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुआ तो कांग्रेस ने इसे वोट चोरी के मुद्दे से जोड़कर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता श्रीनेत ने लिखा- नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार ने संविधान के ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ सिद्धांत को चौपट कर दिया है।
कांग्रेस के इस कटाक्ष के बाद सीकर जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस पूरे मामले पर फेक्ट चैक करवाया तो गलती पकड़ में आई। आयोग ने लिखा- उक्त व्यक्ति ने जब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया तो उसने 7 बार ऑनलाइन आवेदन (फार्म-6) कर दिया।
इन सभी आवेदनों की बूथ स्तर के अधिकारी ने ठीक से जांच नहीं की, जिसके कारण 7 अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड जारी हो गए। बूथ स्तरीय अधिकारी की तरफ से की गई इस लापरवाही पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
साथ ही आयोग ने लिखा- अब जब SIR 2026 का काम चल रहा है तो उसमें इस मतदाता से एक ही गणना प्रपत्र भरवाया गया है। इस अभियान में इस तरह की दोहरीकरण की गलतियों को ठीक करने का ही काम किया जा रहा है। साथ ही उक्त मतदाता से नाम हटवाने के लिए 6 अलग-अलग आवेदन (फार्म-7) भरवा लिए गए है।
अत: भविष्य में SIR के बाद जो मतदाता सूची प्रकाशित होगी, उसमें उनका नाम केवल एक बार ही आएगा।











