बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान शुरू हो गया है. इस चरण में 3 करोड़ 70 लाख से ज्यादा वोटर्स 122 सीटों पर 1302 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस चरण में 45,399 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है, जिनमें से 40,073 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं. कुल वोटर्स में 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं. हिसुआ (नवादा) सीट पर सबसे ज्यादा 3.67 लाख मतदाता हैं, जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी सीटों पर सबसे ज्यादा 22-22 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं

सुरक्षा के लिए चार लाख से अधिक जवान तैनात किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके. सीमांचल की कई सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम आबादी का असर निर्णायक माना जा रहा है, इसलिए यह चरण एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों के लिए बेहद अहम बन गया है.
एक ओर एनडीए विपक्ष पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहा है, वहीं विपक्ष अल्पसंख्यक और ग्रामीण मतदाताओं के समर्थन पर भरोसा जता रहा है. इस चरण में कई दिग्गज उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर है. जेडीयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल), बीजेपी के प्रेमेंद्र कुमार (गया टाउन), रेनू देवी (बेतिया), नीरेज कुमार सिंह ‘बबलू’ (छातापुर), लेशी सिंह (धमदाहा), शीला मंडल (फुलपरस) और जमा खान (चैनपुर) प्रमुख नामों में शामिल हैं

इन दिग्गजों की किस्मत भी दांव पर
पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता तारकिशोर प्रसाद इस बार भी कटिहार सीट से लगातार पांचवीं बार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं, कटिहार जिले की बलरामपुर और कदवा सीटों पर भी मुकाबला दिलचस्प हो गया है. सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महबूब आलम और कांग्रेस के शकील अहमद खान दोनों ही नेता अपनी तीसरी जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश में हैं











