बारां के अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि आज 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।

अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 268 मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है। यहां 2,28,264 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 1,16,783 पुरुष, 1,11,477 महिलाएं और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन विभाग ने सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए पेयजल, छाया, रैंप और व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई है। हर मतदान दल के साथ पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) के जवान तैनात किए गए हैं।
क्षेत्र में 12 क्विक रेस्पॉन्स टीम, 43 मोबाइल पार्टियां, 43 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 12 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी, 12 एरिया मजिस्ट्रेट, 4 वरिष्ठ पुलिस पर्यवेक्षक और 4 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। सीमाओं पर चौकसी बढ़ाते हुए 13 अंतर्राज्यीय नाके और 5 अंतर जिला नाके सक्रिय रखे गए हैं, जहां सशस्त्र बलों की निगरानी में निरंतर चेकिंग जारी है।

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। जिला मुख्यालय और रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जिनमें आईटी विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें 24 घंटे निगरानी रख रही हैं। हर केंद्र पर मोबाइल फोन जमा करने के लिए जूट बैग, दो वॉलंटियर, और मतदाताओं के मार्गदर्शन हेतु प्रतीक्षा व्यवस्था भी की गई है।
अंता विधानसभा उपचुनाव में मतदान से पहले भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन ने अपने गांव तिसाया पहुंचे और मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस बार अंता में चुनावी नतीजों को लेकर बहुत कंफ्यूजन है। जिस तहर प्रत्याशी प्रचार में भीड़ जुटा रहे हैं, उसे देखते हुए यह दावा नहीं किया जा सकता कि किसका पलड़ा भारी रहेगा। बीजेपी ने प्रचार के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मैदान में उतरे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, सचिन पायलट और अशोक गहलोत जैसे नेताओं को प्रचार में लगाया।











