राजस्थान के पाली जिले में घुमंतु और विमुक्त समुदायों की मांगों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को हिंसक हो गया. हजारों लोगों की भीड़ ने सड़क जाम करने की कोशिश की तो पुलिस से भिड़ंत हो गई. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पथराव और लाठीचार्ज तक बात पहुंच गई. अब इलाके में शांति बहाल करने के प्रयास हो रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में डर का माहौल है

डीएनटी संघर्ष समिति और राष्ट्रीय पशुपालक संघ ने अपनी दस प्रमुख मांगों के लिए एक नवंबर से पाली में बड़ा धरना शुरू किया था. पिछले छह दिनों से हजारों लोग यहां डटे हुए हैं. उनकी मांगों में घुमंतु समुदायों के लिए अलग मंत्रालय बनाना, घर बनाने के लिए जमीन के पट्टे देना, बच्चों की पढ़ाई के लिए खास बजट रखना, पंचायत और स्थानीय चुनावों में आरक्षण देना, डीएनटी सूची की गड़बड़ियों को ठीक करना, सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण और पशुपालक समाज को सामाजिक-आर्थिक मान्यता देना जैसी बातें शामिल हैं. ये समुदाय लंबे समय से अपनी इन समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं और अब सरकार से ठोस कदम की उम्मीद कर रहे हैं
पाली के बालराई गांव के पास महापड़ाव शुरू होने के बाद पुलिस को गुजरात की ओर जाने वाला हाईवे बंद करना पड़ा। रूट डायवर्जन के चलते पणिहारी और हेमावास चौराहों पर देर रात तक भारी जाम लगा रहा, जिससे ट्रक और टैंकर चालक घंटों फंसे रहे। ऐसे में अधिकतर बड़े वाहन चालकों ने सड़क किनारे रात बताई। रूट डायवर्ड करने के चलते पणिहारी चौराहे पर जोधपुर और जयपुर की तरफ रोड पर लम्बा जाम देर रात तक लगा नजर आए। जिससे वाहन चालक खासे परेशान हुए।

बालराई गांव के निकट शुक्रवार से शुरू महापड़ाव के कारण पुलिस ने गुजरात जाने वाली मुख्य सड़क बंद कर दी। इसके बाद सारा भारी यातायात हेमावास–नाडोल रोड पर मोड़ दिया गया, जिससे स्थिति बिगड़ती चली गई। पणिहारी चौराहे पर वाहन एक के पीछे एक फंसते गए और देर रात तक लंबा जाम बना रहा। कई ट्रक ड्राइवर सड़क किनारे ही रात गुजारने को मजबूर हुए।

इधर महापड़ाव पर बैठे लोगों ने शुक्रवार की रात भजन गाकर अपनी रात बिताई वही पुलिस के जवान भी रात भी जगे रहे और सर्द रात में सड़क पर मुस्तैद नजर आए।











