सीकर जिले के खाटूश्याम से रात 12 बजे से ही भगतों का रेला लगने लगा है. श्रद्धालु अपने बाबा श्याम के दर्शनों के लिए दूर- दारज से लगातार खाटू नगरी पहुंच रहे है. क्योंकि कलयुग के अवतारी और तीन बाण धारी बाबा श्याम का जन्मोत्सव आज यानी देवशयनी एकादशी 1 नवंबर के दिन देशभर में सभी बाबा श्याम के मंदिरों में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसी को लेकर श्याम भक्त अपने बाबा को ‘हैप्पी बर्थडे’ कहने खाटूधाम लगातार पहुंच रहे है

जन्मोत्सव की धूम सिर्फ खाटू में ही नहीं, बल्कि रींगस कस्बे में भी देखने को मिली. रींगस के प्राचीन श्याम मंदिर में बाबा को बधाई देने के लिए लगभग एक हजार श्रद्धालुओं ने भव्य निशान यात्रा निकाली. भक्तों ने रींगस तोरणद्वार से श्याम पताका (निशान) उठाकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर में बाबा श्याम को अर्पित की और उन्हें जन्मोत्सव की बधाइयां दीं

सुरक्षा के लिए जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं. तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बीस डीएसपी, तीस पुलिस इंस्पेक्टर, अस्सी सब-इंस्पेक्टर, सौ साठ हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल, सत्तर ट्रैफिक पुलिसकर्मी सहित कुल बारह सौ पुलिसवाले तैनात रहेंगे. पांच सौ होमगार्ड और हजार निजी गार्ड भी मदद करेंगे. मंदिर कमेटी के पांच सौ गार्ड मंदिर परिसर संभालेंगे. कुल मिलाकर साढ़े छब्बीस सौ सुरक्षाकर्मी व्यवस्था देखेंगे. डीवाईएसपी संजय बोथरा और थानाधिकारी पवन कुमार चौबे की निगरानी में सब कुछ चलेगा

वही दूसरी ओर, श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बावजूद, इस रिंगस से ख पैदल मार्ग पर प्रशासन के दावे ध्वस्त होते दिखाई दिए. रींगस से खाटू तक की 17 किलोमीटर की दूरी पर बिजली की कोई उचित व्यवस्था नहीं हो पाई. श्याम भक्त अंधेरे में वाहनों, होटलों और ढाबों की रोशनी के भरोसे ही अपना सफर पूरा करते रहै

खाटूश्यामजी रात 12 बजे जमकर हुई आतिशबाजी
खाटूश्यामजी में आतिशबाजी पर प्रतिबंध के बावजूद, बीती रात श्याम भक्तों के जरिए जमकर आतिशबाजी की गई, जिसके कारण मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र रात भर रोशनी और पटाखों की आवाज से गूंजता रहा.









