जोधपुर, कोटा सहित अन्य जिलों में स्लीपर बसें खड़ी हो गई हैं। ट्रेवल्स एजेंसियों ने बसों की ऑनलाइन बुकिंग भी बंद कर दी है, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग ट्रेन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई है।
दरअसल, पिछले दिनों स्लीपर बसों में हादसे के बाद परिवहन विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई चल रही है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कई बसों के चालान काटे। बसों को सीज भी किया गया है। इससे ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर एसोसिएशन में गुस्सा है।

ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा- परिवहन विभाग “एकतरफा कार्रवाई” कर रहा है। यात्रियों को बीच रास्ते में उतारकर बसें बंद की जा रही हैं।
चालान गलत तरीके से बनाए जा रहे हैं। 27 अक्टूबर को बस ऑपरेटर्स ने परिवहन अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। एसोसिएशन आज दोपहर गोपालबाड़ी में बैठक बुलाकर हड़ताल की आधिकारिक घोषणा करने का फैसला लेगा।
राजस्थान बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने भी 2 नवंबर से चक्का-जाम की चेतावनी दी है। एसोसिएशन ने कहा- 2 दिन स्लीपर बस बंद होने के बाद सरकार का रुख देखा जाएगा। सकारात्मक रुख नहीं होने पर प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा प्राइवेट बसें सड़कों से हट जाएंगी।











