महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे। यह मुलाकात राज्य में आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर हुई। वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस मुलाकात पर तंज कसा है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सहयोगियों को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ‘अपने दल की सुरक्षा के लिए’ दिल्ली गए।
वहीं एकनाथ शिंदे ने मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि यह एक सांस्कृतिक और शिष्टाचार भेंट थी, और उन्होंने पीएम मोदी का धन्यवाद किया कि उन्होंने बिहार चुनावों के बीच समय दिया। मुलाकात करीब 90 मिनट चली। उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा की। स्थानीय निकाय चुनावों में साझेदार पार्टियां अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहती हैं, न कि किसी गठबंधन के तहत। उन्होंने कहा, ‘ये जमीनी चुनाव हैं। स्थानीय नेता महसूस करते हैं कि उन्हें अपने बल पर चुनाव लड़ना चाहिए।’
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सीनियर नेताओं के फैसले आने के बाद, स्थानीय नेता उसी के अनुसार चलेंगे। शिवसेना विशेष रूप से मुंबई, नासिक, पुणे, पालघर, कल्याण, डोंबिवली और नवी मुंबई नगर निगमों में भाजपा के बराबर भागीदार के रूप में चुनाव लड़ना चाहती है। पुणे में रविंद्र ढांगेकर और भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल के बीच भूमि सौदों को लेकर चल रही विवाद पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि संदेश भेजे गए हैं कि गठबंधन में कोई कड़वाहट नहीं होनी चाहिए। रविंद्र ढांगेकर ने मुरलीधर मोहोल पर भूमि सौदों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। बता दें, रविंद्र ढांगेकर 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए और मार्च 2025 में शिवसेना में शामिल हो गए।











