अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी पूरी शक्ति से मैदान में उतर चुकी है। पार्टी ने चुनाव प्रबंधन को गति देते हुए आधिकारिक रूप से चुनाव समिति की घोषणा कर दी। इस समिति में वरिष्ठ नेताओं से लेकर मंत्रियों और विधायकों तक को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पार्टी ने झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। अंता विधानसभा सीट उनके लोकसभा क्षेत्र में आती है, इस कारण उनकी भूमिका इस उपचुनाव में रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट न केवल भाजपा के लिए बल्कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए भी प्रतिष्ठा से जुड़ी मानी जा रही है क्योंकि दुष्यंत सिंह वसुंधरा राजे के पुत्र हैं।

चुनाव समिति में कुल 13 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 2 सांसद, 9 विधायक और 2 मंत्री हैं। मंत्री जोगाराम पटेल को चुनाव प्रभारी मंत्री बनाया गया है। विधायक श्रीचंद कृपलानी और जिला प्रभारी छगन माहुर को चुनाव सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के लिए पार्टी ने व्यापक स्तर पर नेताओं को जुटाया है। राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, मंत्री मंजू बाघमार, विधायक राधेश्याम बैरवा, विधायक सुरेश धाकड़, विधायक विश्वनाथ मेघवाल, विधायक अनिता भदेल, विधायक प्रताप सिंघवी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, विधायक ललित मीणा और पूर्व विधायक बनवारीलाल सिंघल को प्रचार की कमान दी गई है।
इसके अतिरिक्त पार्टी पहले ही 17 अक्टूबर को 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर चुकी है। इस सूची में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट के सभी मंत्री तथा अनेक नेता शामिल हैं। पार्टी संगठन अंता उपचुनाव को आगामी निकाय और पंचायत चुनावों से जोड़कर देख रहा है। इसलिए विजय सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक ताकत और संसदीय नेतृत्व की संयुक्त रणनीति को प्राथमिकता दी गई है। इससे स्पष्ट है कि अंता उपचुनाव में भाजपा पूरे दमखम के साथ मुकाबला करेगी।







