जयपुर में रविवार देर रात सवाई मान सिंह अस्पताल में बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस हादसे में सात मरीजों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तुरंत अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हादसे को लेकर जो परिजनों ने बताया वो हैरान कर देने वाला है।
एक मरीज के रिश्तेदार ने बताया कि जब चिंगारी निकली तो उसके पास ही सिलेंडर रखा हुआ था। धुआं पूरे आईसीयू में फैल गया, जिससे अफरातफरी मच गई और लोग घबराकर बाहर भागने लगे। कई लोग अपने मरीजों को बचा ले गए, लेकिन मेरा मरीज कमरे में अकेला छूट गया। जैसे-जैसे गैस और फैली, उन्होंने गेट बंद कर दिए।
वहीं, एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि उन्हें शुरुआत में आईसीयू में आग लगने की जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि मैं तो नीचे खाना खाने आया था, तब मुझे कुछ पता नहीं था। वहां आग बुझाने के लिए कोई उपकरण या सुविधा भी नहीं थी। मेरी मां वहां भर्ती थीं।
हादसे को लेकर अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों में गहरा आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद यहां व्यवस्थाएं एकदम लचर हैं। परिजनों का कहना है कि ज्यादातर मरीजों की मौत दम घुटने के कारण हुई है।
घटना पर नेताओं ने जताया शोक
हादसे को लेकर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने शोक जताते हुए अपने एक्स अकाउंट पर डाली पोस्ट में कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में आग लगने की हृदयविदारक घटना में मरीजों की जनहानि का समाचार अत्यंत दु:खद और पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। प्रभु श्रीराम हादसे में घायल हुए नागरिकों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
देर रात मुख्यमंत्री के साथ अस्पताल पहुंचने वालों में शामिल मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि आग लगने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ हम लोग यहां पहुंचे और मरीजों के हाल जाने। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और मरीजों को हर संभव सहायता के प्रयास किए जा रहे हैं।
हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश
आग लगने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रात को ढाई बजे तुरंत हालातों का जायजा लेने अस्पताल पहुंचे। उस समय अस्पताल में प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग एवं अस्पताल के अधिकारी मौजूद थे। सीएम ने पीड़ितों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उच्च स्तरीय जांच के लिए इकबाल खान, आयुक्त चिकित्सा विभाग की अध्यक्षता में कमेटी की घोषणा की गई, जिसमें मुकेश कुमार मीणा, अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन राजमेस,चंदन सिंह मीणा मुख्य अभियंता राजमेस, अजय माथुर मुख्य अभियंता विद्युत पी डब्ल्यू डी,आरके जैन अतिरिक्त प्रधानाचार्य SMS मेडिकल कॉलेज एवं मुख्य अग्निशमन अधिकारी नगर निगम जयपुर को सदस्य बनाया गया है।
इधर परिजनों ने बताया कि आग लगने के बाद एसएमएस का स्टाफ मौके से भाग गया। परिजन अपने स्तर पर ही मरीजों को बाहर निकाल ने की कोशिश करते रहे। पूरे मामले में सरकार ने जांच कमेटी का गठन किया है। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद चिकित्सा मंत्री अब तक मौके पर नहीं पहुंचे।
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