एशिया कप में भारत की एतिहासिक जीत के बाद देर रात को जयपुर की सड़कों पर जबरदस्त जश्न का माहौल रहा। बड़ी संख्या में लोक सड़कों पर जीत का जश्न मनाने के लिए उतरे। टीम इंडिया की जीत पर समर्थकों ने जमकर ढोल बजाए और जबरदस्त आतिश बाजी की। समर्थकों ने कहा कि टीम इंडिया ने उन्हें दीपावली से पहले ही दीपावली का तौहफा दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों पहला क्रिकेट मुकाबले वाली सीरीज थी। इसलिए समर्थक इसे ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर भी सोशल मीडिया पर मीम्स चला रहे हैं। …
राजापार्क के मुख्य चौराहों और बाजारों में लोगों ने जमकर आतिशबाज़ी की, भारत माता के जयकारे लगाए और भारत के झंडे को लहराते हुए देशप्रेम का संदेश दिया। समर्थकों ने एक सुर में कहा कि “टीम इंडिया ने दीपावली से पहले ही देशवासियों को दीपावली जैसा तोहफा दे दिया।
गौरतलब है कि यह मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का संग्राम भी था। यह भारत-पाक के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला आधिकारिक क्रिकेट मुकाबला था। इसलिए सोशल मीडिया पर लोग इसे “ऑपरेशन एशिया कप” और “ऑपरेशन जीत” जैसे नामों से जोड़कर मीम्स और हैश टैग्स के जरिए जश्न मना रहे हैं। एक समर्थक ने कहा- “चाहे मैदान युद्ध का हो या क्रिकेट का, जीत हमेशा भारत की ही होती है।” इस भावना को जयपुर की जनता ने सड़कों पर बखूबी जाहिर किया।
ऑपरेशन एशिया कप सक्सेसफुल
कई समर्थक इसे ऑपरेशन एशिया कप का नाम भी दे रहे हैं। मैच के बाद जीत का जश्न मानने के लिए सड़कों पर उतरे समर्थकों का कहना था कि इस मैच में भारत के लिए जीत ही एकमात्र विकल्प था।
समर्थकों ने तिलक वर्मा के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि यह उन्होंने भारत के माथे पर जीत का तिलक लगाया है। इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान और भारत के बीच यह तीसरा मुकाबला था। भारत ने तीनों ही मुकाबले शानदार तरीके से जीतकर अपने समर्थकों को खुश होने का मौका दिया।







