पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने कांग्रेस में वापसी के बाद पोस्टर लगने के मामले पर बात की. उन्होंने एनडीटीवी से खास बातचीत में बड़ा बयान देते हुए कहा कि जब पुलिस और 2 कोर्ट ने मुझे क्लीनचिट देते हुए निर्दोष साबित कर दिया. उसके बाद मेरी ही पार्टी के नेताओं द्वारा वापसी का विरोध करना गलत हैं. इससे पहले कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी पर राजनीति छोड़ने की भी बात कही थी. वहीं, मेवाराम जैन भी बिना नाम लिए हरीश चौधरी पर हमलावर दिखे. उन्होंने शहर में पोस्टर लगाने की घटना को निंदनीय बताया और कहा कि जैसे ही उनकी कांग्रेस में वापसी की खबर सामने आई, उसके बाद से ही लगातार उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है और ट्रोल किया जा रहा है
उन्होंने कहा कि मुझे फोन पर धमकियां मिल रही हैं, जब धमकियों से मैं डरा नहीं तो मेरे विरोधियों ने शहरभर में यह पोस्टर लगाए. यह मेरा मनोबल तोड़ने का प्रयास है. लेकिन मैं इससे टूटने वाला नहीं हूं. इस दौरान मेवाराम जैन ने नाम लिए बिना अपनी पार्टी के नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने बाड़मेर जिले में विधानसभा चुनाव में पार्टी को 8 में से 7 सीटों पर हार क्यों मिली, इसकी जांच होनी चाहिए. पार्टी एक कमेटी बिठाए और जांच करें कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम किसने किया पार्टी में वापसी के बाद कांग्रेस नेताओं के विरोध के सवाल को टालते हुए कहा, “ये तो उन्हीं नेताओं से पूछिए. साथ ही पोस्टर विवाद पर कहा कि यह लड़कों या मनचलों की हरकत नहीं हैं, ये किसने किया है, सब जानते हैं. लेकिन इस तरह की हरकतों से मैं डरने वाला नहीं हूं. बाड़मेर की जनता उनके साथ है, ऐसे में जनता के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे
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