राष्ट्रीय पशुपालक संघ एवं डीएनटी समाजों की ओर से शनिवार दूसरे दिन भी पाली जिले के बालराई के निकट हाईवे किनारे महापड़ाव जारी रहा। राष्ट्रीय पशुपालक संघ व राजस्थान में डीएनटी (घुमंतु, अर्ध घुमंतु एवं विमुक्त) संघर्ष समिति की ओर से प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस कड़ी में शुक्रवार को बालराई गांव के पास हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने महापड़ाव डाल दिया। लालजी देवासी का कहना है कि वे अपनी मांगों के निपटारा होने तक महापड़ाव में डटे रहेंगे।

पाली के बालराई गांव के पास महापड़ाव शुरू होने के बाद पुलिस को गुजरात की ओर जाने वाला हाईवे बंद करना पड़ा। रूट डायवर्जन के चलते पणिहारी और हेमावास चौराहों पर देर रात तक भारी जाम लगा रहा। रूट डायवर्ड करने के चलते पणिहारी चौराहे पर जोधपुर और जयपुर की तरफ रोड पर लम्बा जाम देर रात तक लगा नजर आए। महापड़ाव के चलते शनिवार सुबह ही भी पाली से सुमेरपुर की तरफ जाने वाले हाईवे को बंद रखा गया है और रूट डायवर्ड कर वाहन चालकों को हेमावास होते हुए जाने के लिए कहा जा रहा है।

महापड़ाव को भाटी-बेनीवाल का समर्थन
बाड़मेर के शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, हनुमान बेनीवाल ने महापड़ाव का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट शेयर की।
शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने महापड़ाव का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट शेयर की। बालराई की तस्वीरें हमें चिंता और सवाल दोनों देती हैं। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रख रहे पशुपालक संघ और DNT समुदाय के लोगों पर जो प्रशासन द्वारा बल प्रयोग और आंसू गैस के उपयोग के दृश्य सामने आए हैं, वे किसी भी संवैधानिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। अपने अधिकारों और न्याय की आवाज़ों को उठाना हर व्यक्ति का अधिकार है और उस उठी आवाज को लाठी के दम पर दबाना लोकतंत्र का अपमान। ऐसी परिस्थितियों में जिम्मेदार अधिकारियों और शासकीय तंत्र का दायित्व बनता है कि वे कड़ी संवेदनशीलता और संयम से काम लें। कानून व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, पर उससे भी जरूरी है कि नागरिकों की आवाज़ सुनी जाए, उनके साथ संवाद हो और उनके वैध मुद्दों का निष्पक्ष समाधान निकाला जाए। हिंसा, दबाव या दमन से समस्याएँ गायब नहीं होती, वे और गहरी हो जाती है। अधिक न्याय, पारदर्शिता और भरोसे के साथ ही स्थायी समाधान संभव हैं। इसलिए मेरा प्रदेश सरकार से अनुरोध है कि संबंधित जिला प्रशासन के माध्यम से तुरंत संवाद स्थापित करें, पीड़ितों की बात सुनें और जल्द से जल्द न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। शांतिपूर्ण सत्याग्रह और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान हमारी लोकतांत्रिक जड़ें मजबूत करता है, उसे कमजोर नहीं।
हनुमान बेनीवाल ने महापड़ाव का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट शेयर की। पाली जिले के बालराई गांव में अपने हक और अधिकार से जुड़ी विभिन्न मांगो को लेकर आंदोलित देवासी समाज सहित डीएनटी समाज के लोगों पर पुलिस द्वारा राजस्थान की BJP सरकार के इशारे पर किया गया लाठीचार्ज अत्यंत निंदनीय कदम है | भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से पहले इस समुदाय के साथ सत्ता में आने के बाद न्याय करने की बात कही मगर जब यह समाज न्याय के लिए मांग करने लगा तो बदले में लाठियां मिली | मेरी राजस्थान के मुख्यमंत्री से अपील है कि मौके पर लोग आंदोलित है और जल्द से जल्द राज्य सरकार के स्तर से निर्देश जारी करके आंदोलित समाजों की मांगो का सकारात्मक समाधान निकाले ,क्योंकि मुख्यमंत्री को यह नहीं भूलना चाहिए कि देवासी समाज की बड़ी भूमिका चुनावों में भाजपा के पक्ष में ही रहती आई है |











